Doha for Thaatt

ठाटों का स्वरूप दोहा में

भैरव भैरवि आसावरी, यमन बिलावल ठाट।

तोड़ी काफ़ी मारवा, पूर्वी और खमाज।।

शुद्ध सुरन की बिलावल, कोमल निषाद खमाज

म तीवर स्वर यमन मेल, ग नि मृदु काफ़ी ठाट।।

गधनि कोमल से आसावरी, रे ध मृदु भैरव रूप।।

रे कोमल चढ़ती मध्यम, मारवा ठाट अनूप।।

उतरत रे ग ध अरु नी से, सोहत ठाट भैरवी।।

तोड़ी में रेग धम विकृत, रेधम विकृत ठाट पूर्वी।।

thaat

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